
Behold the colours of Nature
The beauty of PANSY is too mesmerizing..
Straight from my sensitive flower beds
A blog by Dr. Anuj Kumar


आज की, मरी सी, धूप की तरह, कुछ मोहब्बत भी हो चली है उसकी,
कितना भी गुहार का अलाव जलाऊं, वो इश्क़ की गर्माहट नहीं आती..

पीछे का मंज़र, अब क्या देखूं मुड़कर बार बार,
सामने का उगता सूरज, जब इतना हसीन है…